Mar 14 2026 / 7:50 PM

सोनिया गांधी का केंद्र पर निशाना, कहा- सरकार लोकतंत्र के सभी स्तंभों को खत्म कर रही है

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतंत्र के स्तंभों को ध्वस्त कर रही है। सोनिया ने ‘खामोशी से देश की समस्याओं का समाधान नहीं होगा’ शीर्षक वाले अखबार के संपादकीय में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।

सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र में पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार भारत के लोकतंत्र के सभी तीन स्तंभों को व्यवस्थित रूप से खत्म कर रही है। सोनिया ने संसद में हालिया व्यवधानों का उल्लेख करते हुए सत्रों को बाधित करने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एकजुट विपक्ष का मुकाबला करने के लिए कुछ इस तरह के उपाय अपनाए गए जो संसदीय व्यवस्था के हिसाब कतई ठीक नहीं है।

सोनिया गांधी ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ये सभी व्यवधान केंद्रीय बजट 2023 को पारित करने के लिए ध्यान भटकाने के लिए किए थे। श्रीमती गांधी ने लिखा कि लोगों के पैसे का 45 लाख करोड़ रुपये का बजट बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया।

उन्होंने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वित्त विधेयक लोकसभा के माध्यम से पारित किया गया था तब प्रधानमंत्री व्यापक मीडिया कवरेज के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र में परियोजनाओं के उद्घाटन में व्यस्त थे। कांग्रेस नेता ने अपने बजट भाषण में बेरोजगारी या मुद्रास्फीति का उल्लेख नहीं करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी आलोचना की। सोनिया ने लिखा, ऐसा लगता है जैसे ये समस्याएं हैं ही नहीं।

केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा डाले जा रहे छापों को लेकर भी सोनिया गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है 95 प्रतिशत से अधिक राजनीतिक मामले केवल विपक्षी दलों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।

सोनिया गांधी ने बीजेपी और संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत और हिंसा को आगे बढ़ाने के बीजेपी और संघ जिम्मेदार है। उन्होंने पीएम मोदी पर इस प्रकार की घटनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एक बार भी शांति या सद्भाव का आह्वान नहीं किया। बता दें कि रामनवमी शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।

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