ईरान पर इजरायल का हमला, ईरान ने भी इजराइल-दुबई पर 400 मिसाइलें दागीं
नई दिल्ली। इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया। इरना न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों में दक्षिणी ईरान में 57 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई। जबकि 45 घायल हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं। ईरान ने इजराइल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है। ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है।
दरअसल, इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर खामेनेई का ऑफिस और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को निशाना बनाया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है।
दरअसल, शनिवार को मिडिल-ईस्ट में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई इलाकों पर हमले किए, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय भी शामिल था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमले के समय खामेनेई कार्यालय में मौजूद थे या नहीं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम जारी रखे हुए है और अमेरिका पर हमला करने वाली मिसाइलें विकसित करने में लगा हुआ है। एक वीडियो संदेश में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरानी जनता से खामेनेई शासन के खिलाफ खड़े होने और अपनी खुद की सरकार बनाने की अपील की।
वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मौजूदा ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया और कहा कि संयुक्त हमले का उद्देश्य ईरान द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करना था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी जनता को अपना भाग्य अपने हाथों में लेने के लिए परिस्थितियां प्रदान करेगा।
इस बीच शनिवार को दुबई में भी जोरदार धमाकों की खबर मिली, जिसके चलते बुर्ज खलीफा को खाली कराया गया है। इसके अलावा रियाद में भी धमाकों की सूचना मिली। अबू धाबी के दो निवासियों ने एएफपी को बताया कि उन्होंने अमेरिकी कर्मियों की मेजबानी वाले इलाकों के पास धमाकों की आवाज सुनी। हमलों के बीच एक व्यक्ति की मौत होने की भी खबर मिली है।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तेहरान इन हमलों का जवाब देने में जरा भी संकोच नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि अब समय आ गया है कि मातृभूमि की रक्षा की जाए और दुश्मन के सैन्य अतिक्रमण का सामना किया जाए।
एक बयान में कहा गया, इतिहास गवाह है कि ईरानियों ने कभी भी विदेशी आक्रमण के आगे घुटने नहीं टेके; इस बार भी ईरानी राष्ट्र की प्रतिक्रिया निर्णायक और स्पष्ट होगी, और आक्रमणकारियों को अपने आपराधिक कृत्य पर पछतावा होगा।
