ममता सरकार के खिलाफ ‘चार्जशीट’ जारी करते हुए बोले अमित शाह- जनता तय करे भय को चुनना है या भरोसे को
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की टीएमसी का शासन उखाड़ फेंकने की कोशिश में बीजेपी जुटी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में टीएमसी सरकार के खिलाफ 14 आरोपों वाली चार्जशीट जारी की।
अमित शाह ने इस दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी ने बंगाल में लगातार बढ़त हासिल की है। हमारे कार्यकर्ताओं ने जनता तक पहुंचकर संदेश दिया है और जनता भी तैयार है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति करती हैं। अमित शाह ने कहा कि ये राजनीति अब खत्म होने वाली है। शाह ने ममता बनर्जी के बारे में कहा कि चुनाव आयोग को गाली देना सिर्फ वही कर सकती हैं। अमित शाह ने कहा कि तुष्टीकरण ही ममता सरकार का मिशन है। इस सरकार में सिंडिकेट्स पर कार्रवाई न करना भी आम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों के लिए पश्चिम बंगाल कब्रिस्तान में बदल चुका है। अमित शाह ने कहा कि इस बार के चुनाव जान गंवाने के भय से मुक्ति के चुनाव हैं। उन्होंने कहा कि ये डर है कि कहीं हम अपनी जमीन पर ही अल्पसंख्यक न बन जाएं।
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने तय किया है कि जनता की आवाज को मुखर होकर रखना ही प्राथमिकता है। हम टीएमसी सरकार की अराजकता को सबके सामने रखेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि ये चार्जशीट ममता सरकार के 15 साल पर है। ये बीजेपी नहीं, जनता के मुद्दों की चार्जशीट है।
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता की सरकार में डर, भ्रष्टाचार और भेदभाव की सियासत हो रही है। अमित शाह ने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनाव से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि देश में एक ही राज्य है, जहां से घुसपैठ का रास्ता खुलता है।
