इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान IRGC के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत
नई दिल्ली। इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान को एक और बड़ा नुकसान हुआ है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल मजीद खादेमी की मौत हो गई है। आईआरजीसी की ओर से मेजर खादेमी के मारे जाने की पुष्टि कर दी गई है।
आईआरजीसी ने टेलीग्राम पोस्ट में लिखा, हमारे खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादेमी 6 अप्रैल की सुबह दुश्मन द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। हालांकि आईआरजीसी ने यह नहीं बताया कि खादेमी किस जगह पर थे जहां हमला हुआ।
वहीं खादेमी आईआरजीसी के सबसे वरिष्ठ कमांडरों में से एक थे और उनके पास सैन्य अभियानों का बहुत व्यापक अनुभव था। इजरायल डिफेंस फोर्स के मुताबिक खादेमी ने विश्व स्तर पर आतंकवादी हमलों को बढ़ावा देने का काम किया था और शासन द्वारा आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दमन के तहत ईरानी नागरिकों की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे।
इससे पहले इजरायल ने मिसाइल अटैक जरिए ईरान के पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख मोहम्मद काजमी और उनके डिप्टी हसन मोहाकिक को मार गिराया था। मोहम्मद काजमी के मारे जाने के बाद जनरल मजीद खादेमी को आईआरजीसी के नए इंटेलिजेंस चीफ पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
खादेमी इंटेलिजेंस चीफ बनने से पहले ईरानी रक्षा मंत्रालय में खुफिया सुरक्षा संगठन के प्रमुख भी रह चुके हैं। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के विश्वासपात्र लोगों में जनरल मजीद खादेमी का नाम लिया जाता था। खादेमी ने इंटेलिजेंस से संबंधित कई गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ईरान सेना ने उनके योगदान को याद करते हुए लिखा है कि खादेमी ने सुरक्षा और खुफिया क्षेत्र में क्रांति, व्यवस्था और इस्लामी मातृभूमि की लगभग आधी सदी तक पूरे साहस और ईमानदारी के साथ रक्षा की। उनके द्वारा किए गए प्रयास आने वाले वर्षों में देश के इंटेलिजेंस विभाग के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं।
