शिष्या से रेप केस में आसाराम दोषी करार, कल सुनाई जाएगी सजा
नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे संत आसाराम बापू को गांधीनगर की एक अदालत से भी बड़ा झटका लगा है। गांधीनगर की अदालत ने महिला शिष्या से दुष्कर्म मामले में आसाराम बापू को दोषी करार दिया है। ये मामला 2013 में दर्ज किया गया था। सत्र अदालत के न्यायाधीश डीके सोनी ने सजा को लेकर अपना आदेश मंगलवार (31 जनवरी) के लिए सुरक्षित रख लिया।
इस मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने सबूतों के अभाव में आसाराम की पत्नी समेत छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। विशेष लोक अभियोजक आरसी कोडेकर ने मामले में आज हुई सुनवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अदालत ने अभियोजन पक्ष के मामले को स्वीकार कर लिया है और आसाराम को धारा 376 2(सी) (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध) और भारतीय दंड संहिता के अन्य प्रावधानों के तहत अवैध हिरासत के लिए सोमवार को दोषी ठहराया है।
नाबालिग से रेप के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू की मुसीबतें अप्रैल 2022 में भी बढ़ी थीं, जब जेल में बंद आसाराम बापू के यूपी के गोंडा स्थित आश्रम में एक नाबालिग लड़की का शव मिला था। शव आश्रम के अंदर काफी दिनों से खड़ी एक कार में मिला था। शव की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और शव को कब्जे में ले लिया था।
मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की अपने घर से 4 दिन पहले गायब हो गई थी, जिसका शव आसाराम बापू के आश्रम में कई दिनों से खड़ी कार से मिला था। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत विमौर का था। यहां आसाराम का आश्रम है। नाबालिग लड़की 5 अप्रैल से लापता थी। कार में शव का पता उस दौरान लग सका जब उससे दुर्गंध आने लगी। आश्रम के कर्मचारी ने गाड़ी को खोलकर देखा तो उसमें बच्ची की लाश पड़ी हुई थी। बता दें कि आसाराम वर्तमान में एक अन्य बलात्कार के मामले में जोधपुर की जेल में बंद है।
