Jul 28 2026 / 11:38 PM

नए शिक्षा मंत्री पर प्रियंका गांधी के बयान पर हंगामा, रिजिजू बोले- चरित्र हनन किया, माफ़ी मांगे

नई दिल्ली। लोकसभा में पेपर लीक कानून संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर दिए गए बयान पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे चरित्र हनन बताया और माफी की मांग की।

चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी। उनके इस बयान के बाद सत्तापक्ष के सांसदों ने विरोध किया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।

किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी की टिप्पणी गंभीर है और इसे सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बयान को प्रमाणित नहीं किया जा सकता तो प्रियंका गांधी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सांसदों से सदन में बहस का स्तर बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ बयान देने की अपील की।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और प्रह्लाद जोशी ने भी प्रियंका गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। दोनों ने कहा कि आरोप लगाने से पहले उन्हें प्रमाणित किया जाना चाहिए। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह सदन में मौजूद हैं और उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने बयान का खंडन करते हुए कार्रवाई की मांग की।

वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि सदन में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणियों को भी रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया था।

प्रियंका गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों से मिलने के दौरान एक पीड़ित मां की पीड़ा ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, लाठी और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और इस पूरे मामले पर देश को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद देश की अमानत है और सभी जनप्रतिनिधि जनता के सेवक हैं।

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