सीएम मान अग्निवीर अमृतपाल सिंह के पहुंचे घर, परिजनों को सौंपा 1 करोड़ का चेक, कहा- हम देंगे शहीद का दर्जा
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मानसा जिले में अग्निवीर अमृतपाल सिंह के घर पहुंचे। जहां उन्होंने परिवार से मुलाकात कर दुख जताया। इसके अलावा परिवार को पंजाब सरकार की तरफ से 1 करोड़ रुपए का चैक सौंपा। सीएम मान ने कहा कि उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। हम पूरे पंजाब की ओर से उन्हें शहीद का दर्जा देंगे। गांव में उनके नाम का स्टेडियम बनाया जाएगा।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि अगर जवानों के साथ इस तरह का रवैया रहेगा तो अग्निविर योजना बंद कर देनी चाहिए। सीएम मान ने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत जिनकी भर्ती हुई है या तो उनको रेगुलर किया जाए या उन्हें निकाल दिया जाए। वो वापिस आकर परिवार का पेट तो पाल सकते हैं। अब तो वो कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि उनको कोई सहूलत ही नहीं दी जाती।
सीएम मान ने कहा जो फौज में जाने का जिगरा रखता है वो कभी खुदकुशी नहीं करता। खुदकुशी करना कायरों का काम है। अब फौज बहाने लगा रही है कि खुदकुशी की है। अमृतपाल 7 बहनों का भाई था। उसके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी। सीएम मान ने कहा यह मामला हम केंद्र सरकार तक लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा, मैं खुद दिल्ली जा कर यह मामला उठाऊंगा।
इससे पहले भारतीय सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अग्निवीर अमृतपाल सिंह की 11 अक्टूबर को पुंछ सेक्टर में संतरी ड्यूटी के दौरान आत्महत्या से मौत हो गई और ऐसे मामलों में सैन्य अंत्येष्टि का अधिकार नहीं है। यह बयान अग्निवीर भर्ती को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिए जाने पर एक बड़े राजनीतिक विवाद के बाद आया है। इसमें कहा गया है कि हर साल लगभग 100 से 140 सैनिक आत्महत्या या खुद को लगी चोटों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे मामलों में सैन्य अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जाती है।
