Mar 16 2026 / 11:59 PM

महादेव सट्टा एप मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 17 स्थानों पर मारा छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग एप मामले की जांच के दौरान ईडी ने कोलकाता, गुरुग्राम, दिल्ली, इंदौर, मुंबई और रायपुर में स्थित 17 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों ने बताया की इस सर्च ऑपरेशन के दौरान 1.86 करोड़ रुपये कैश, 1.78 करोड़ रुपये के मूल्यवान वस्त्र आज बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही 580.78 करोड़ रुपये के प्रोसिड्स ऑफ क्राइम को फ्रीज किया गया है।

इस सर्च ऑपरेशन में ईडी को बहुत से इंक्रिमिनेटिंग एविडेंट मिले हैं जिसमे डिजिटल डेटा बड़ी मात्रा में हैं और ईडी ने कई एसेस्ट्स की भी पहचान की है। ईडी ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इसके बाद, विशाखापत्तनम पुलिस और अन्य राज्यों द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को भी रिकॉर्ड पर लिया गया।

ईडी की जांच से पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक दुबई से संचालित किया जा रहा था और वे अपने परिचित सहयोगियों को पैनल/शाखाओं की फ्रेंचाइजी दे रहे थे, जिन्हें 70% -30% के लाभ-साझाकरण अनुपात पर काम करने के लिए बनाया गया था। जांच से यह भी पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटर रेड्डी अन्ना, फेयरप्ले जैसी अन्य ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स के भी प्रमोटर हैं। आरोपी सट्टेबाजी के पैसे को विदेशी खातों में स्थानांतरित करने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन भी चला रहे थे।

जांच के दौरान, ईडी ने महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की पहचान की। ईडी ने पाया कि कोलकाता निवासी हरि शंकर टिबरेवाल, जो वर्तमान में दुबई में रहता है, एक प्रमुख हवाला ऑपरेटर और महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटर का भागीदार है।

ईडी ने उनके और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी ली और पाया कि हरि शंकर टिबरेवाल एक अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट स्काईएक्सचेंज संचालित करता है। वह सट्टेबाजी से अर्जित धन को दुबई स्थित अपनी संस्थाओं के माध्यम से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) मार्ग के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर रहा है।

बता दें कि इससे पहले इस मामले में ईडी ने सर्च के दौरान 572.41 करोड़ रुपये के आवासीय संपत्तियों को जब्त/जमा किया था। दो प्राविष्टिक संलग्नता आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें 142.86 करोड़ रुपये की आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों को संलग्न किया गया है। इस प्रकार, मामले में कुल 1296.05 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने फ्रीज की है।

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