मैं नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं: राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि यह देश मोहब्बत का है, नफरत का नहीं है, इसलिए वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के उद्देश्य पर सवाल उठाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के लिए यही उनका जवाब है।
एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा के नेताओं से कहा, मैं नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं। उन्होंने कहा, आपका बाजार नफरत का है, मेरी दुकान मोहब्बत की है।
गांधी ने कहा कि उनकी यात्रा कई बार भाजपा कार्यालयों के आगे से गुजरी जिस दौरान भाजपा के नेता व कार्यकर्ता इशारों-इशारों में उनकी यात्रा को लेकर सवाल खड़े करते थे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के अनुसार, उनके (भाजपा के) नेता कभी कहते हैं कि राहुल गांधी क्या कर रहा है? मेरे दिमाग में भी थोड़ी देर यह आया कि मैं क्या कर रहा हूं, पैदल चल रहा हूं, लोगों से मिल रहा हूं उनसे गले मिल रहा मैं कर क्या रहा हूं?
गांधी ने कहा, और जवाब मिल गया उन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए जो इशारों में पूछते हैं कि क्या कर रहे हो उनके लिए जवाब नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं।
सभा में बड़ी संख्या में उमड़े लोगों की तालियों व ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारों के बीच कांग्रेस नेता ने कहा, आप मुझसे नफरत करो, आप मुझे गाली दो यह आपके दिल की बात है। आपका बाजार नफरत का मेरी दुकान मोहब्बत की।
उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपनी बात नहीं कर रहे, बल्कि पूरे संगठन जिसने इस देश को आजादी दिलाई। कांग्रेस सांसद ने कहा, महात्मा गांधी, (जवाहरलाल) नेहरू, (वल्लभ भाई) पटेल, (बीआर) आंबेडकर व मौलाना अबुल कलाम आजाद इन सब ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी। यही हम करते हैं।
गांधी ने कहा, यही जवाब है मेरा भाजपा के सब लोगों को कि आइए आप भी नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलना शुरू कीजिए। अंत में आपको (यह) करना पड़ेगा क्योंकि हमारा धर्म, हमारा देश मोहब्बत का देश है नफरत का नहीं है।
सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे। गांधी ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना व महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय योजना की खुलकर प्रशंसा की।
