IDF का बड़ा दावा- ईरान के सुरक्षा प्रमुख लारीजानी और कमांडर सुलेमानी को मारा
नई दिल्ली। इजरायली डिफेंस फोर्स ने मंगलवार को ईरानी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारिजानी और बासिज बल के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी को निशाना बनाने का दावा किया है। IDF ने गुलाम रजा सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की सत्ता के शीर्ष व्यक्ति लारीजानी इस हमले में मारे गए या घायल हुए हैं। इस बीच, लारिजानी के ऑफिस से इस दावे के बाद कहा गया है कि जल्द ही उनका वीडियो संदेश प्रसारित किया जाएगा। इससे पहले इजरायल की तरफ से कहा गया था कि लारिजानी इजरायली हमलों में मारे गए।
इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने मंगलवार को यह जानकारी दी थी और कहा था कि ईरानी नेतृत्व और भी कमजोर हो गया है, जिसने हमलों के पहले ही दिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को पहले ही खो दिया था। उनके उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई भी कोमा में बताए जा रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हैं। एक अन्य शीर्ष कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी सोमवार रात इजरायली हवाई हमलों में मारे गए थे। इजरायल के दावों की सच्चाई अबतक साबित नहीं हो पाई है।
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई। दूसरी तरफ लरिजानी के ऑफिस ने कहा कि थोड़ी देर में वह प्रेस को संबोधित करेंगे। इजरायल और अमेरिका के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अली लारिजानी को ईरान के सबसे ताकतवर शख्स में से एक के रूप में जाना जाता था। लारिजानी अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सहयोगी थे।
ईरान के सरकारी मीडिया ने मंगलवार को लारिजानी के हवाले से एक बयान जारी किया, जिसमें ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की। बयान में कहा गया है, 47 साल पहले ईरान की इस्लामी क्रांति में जनता की जीत की पूर्व संध्या पर पहलवी शासन के प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि सड़कों पर उमड़ती भीड़ के नारे असली नहीं, बल्कि टेप रिकॉर्डिंग की आवाज हैं। अब ट्रंप ईरानी शहरों में लाखों की संख्या में उमड़ रहे अमेरिका और इजरायल विरोधी प्रदर्शनों के बारे में कहते हैं कि ये एआई तस्वीरें हैं।
ईरान पर जब इजरायल और अमेरिका ने हमला करना शुरू किया तब उस समय लारिजानी ने मुस्लिम बहुल देशों से समर्थन की कमी को लेकर निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने सोमवार को कहा, अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर वार्ता के दौरान धोखे से हमला किया। उनका उद्देश्य ईरान को तोड़ना था। इस हमले के कारण इस्लामी क्रांति के महान नेता, कई नागरिक और सैन्य कमांडर शहीद हो गए।
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा की हालत के बारे में कोई खोज खबर नहीं मिल रही थी, इसके कारण, अली लारीजानी ईरान में दूसरे नंबर के नेता बन गए थे और अंतरिम परिषद के साथ मिलकर संकटग्रस्त देश को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। यह घटनाक्रम ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारीजानी द्वारा यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क के सदस्यों द्वारा ईरान को फंसाने के लिए 9/11 जैसी घटना की साजिश की चेतावनी देने के एक दिन बाद सामने आया है।
