बेटे की गिरफ्तारी पर भड़के MK स्टालिन, बोले- तमिलनाडु में एक जोकर कैबिनेट का कब्जा हो गया है
नई दिल्ली। तमिलनाडु में DMK नेता और पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प की भी खबर सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला है।
जानकारी के मुताबिक, कावेरी नदी के जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली में उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा। इसी दौरान मंच से अभिनेत्री तृषा के खिलाफ नारेबाजी हुई और उदयनिधि ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री विजय और तृषा के रिश्ते को लेकर टिप्पणी की। बयान के बाद विवाद बढ़ गया और उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके बाद चेन्नई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जिससे राज्य में राजनीतिक माहौल गर्मा गया।
एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि सरकार कावेरी जल विवाद जैसे अहम मुद्दों पर विफल रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
स्टालिन ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार ने अदालत में गिरफ्तारी की मंशा से इनकार किया था, तो फिर उदयनिधि को चेन्नई की बजाय तंजावुर क्यों ले जाया गया और उनके खिलाफ गंभीर धाराएं क्यों लगाई गईं।
एमके स्टालिन ने दावा किया कि मद्रास हाई कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को रिहा करने का आदेश देकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष के नेता को सदन से दूर रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।
DMK प्रमुख ने मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसते हुए कहा कि वे जनता से किए गए वादे पूरे करने के बजाय “रील्स क्रिएटर” बनने में अधिक व्यस्त हैं। उन्होंने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए DMK कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
