एनएसए अजित डोभाल लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल को आज पुणे में आयोजित कार्यक्रम में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। एनएसए डोभाल ने इस अवसर पर देश के युवाओं से आह्वान किया कि वो निजी लाभ से ऊपर उठकर देशहित में खुद को पूरी तरह से समर्पित करें।
डोभाल ने कहा, भारत अभी वहां नहीं पहुंचा है जहां उसे होना चाहिए। ऐसा लगता है कि हम स्वतंत्र हैं तो हमारे ऊपर सारी जिम्मेदारियां खत्म हो गई हैं मगर भारत को आज भी अंदर और बाहर, दोनों तरफ से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत के विकास से सभी लोग आनंदित हों ऐसा नहीं है। भारत का विकास कई देशों, कई लोगों के लिए घातक बना हुआ है और हमें उसका मुकाबला करना है।
डोभाल ने युवाओं से कहा, दृढ़ता के साथ, बिना संशय में पड़े, एकजुट होकर देश के हित में सोचें। आज हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे देश में ऐसा नेतृत्व है, ऐसा वातावरण है जहां पर हम अपने आप को शक्तिशाली बना सकते हैं। एनएसए ने पुणे से जुड़ी अपनी बचपन की यादों के बारे में बताते हुए कहा कि मेरे स्कूल में सुबह की प्रार्थना के बाद असेंबली होती थी।
असेंबली के दौरान, टीचर नैतिकता, महान हस्तियों के जीवन, छात्रों के कर्तव्यों और अन्य प्रेरणादायक विषयों पर 10 से 15 मिनट तक बात करते थे। हमारे एक हिंदी टीचर, जो बहुत अच्छे वक्ता थे, ने बाल गंगाधर तिलक के जीवन पर भाषण दिया था। तब मैंने पहली बार लोकमान्य तिलक के बारे में जाना था और उस वक्त मैं लगभग पांच साल का था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि 76 साल बाद, मैं उसी शहर में लोकमान्य तिलक की स्मृति में शुरू किए गए पुरस्कार को लेने के लिए वापस आऊंगा। यह सचमुच मेरा सौभाग्य है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने अजित डोभाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम उनको एनएसए के रूप में जानते हैं, लेकिन हम यह नहीं जानते कि उनके कार्यों का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है, जिसका प्रचार नहीं होता। गृह मंत्री ने कहा, पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सुरक्षा क्षमता और आक्रामक क्षमता में काफी बदलाव आया है इसमें अजीत डोभाल का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
