Mar 14 2026 / 7:50 PM

राहुल गांधी का वायनाड में रोड शो, कहा- आप मेरा घर 50 बार ले लो, मैं तब भी लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा

वायनाड। लोकसभा सदस्यता गंवाने के बाद राहुल गांधी पहली बार वायनाड पहुंचे। उन्होंने बहन प्रियंका गांधी के साथ वायनाड में रोड शो किया। इसके बाद राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि चाहे जेल में डाल दें लेकिन सवाल पूछता रहूंगा। उन्होंने कहा कि सांसद तो बस एक टैग है। यह एक पद है इसलिए बीजेपी टैग हटा सकती है, वे पद ले सकते हैं, वे घर ले सकते हैं और वे मुझे जेल में भी डाल सकते हैं, लेकिन वे मुझे वायनाड के लोगों का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोक सकते हैं।

राहुल ने कहा, उन्हें लगता है कि वे मेरे घर पुलिस भेजकर मुझे डराएंगे, लेकिन मैं वास्तव में खुश था कि उन्होंने मेरा घर ले लिया। आप मेरा घर 50 बार ले लो मुझे कोई परवाह नहीं है। मैं तब भी देश और वायनाड के लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा। राहुल ने कहा कि मैंने संसद में प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि आप अडानी के साथ अपने संबंध के बारे में बताएं, मैंने पूछा कि आपका अडानी के साथ क्या संबंध हैं? लेकिन प्रधानमंत्री ने उसका जवाब नहीं दिया।

राहुल ने कहा कि बीजेपी के मंत्रियों ने संसद में मेरे बारे में झूठ बोला। मैं स्पीकर के पास भी गया, लेकिन फिर भी मुझे बोलने नहीं दिया गया। बीजेपी ने मुझे संसद से अयोग्य घोषित कर दिया, मेरा घर ले लिया और मुझ पर 24 घंटे हमला कर रहे हैं, मैं जनता हूं मैं सही कर रहा हूं और जितना वो मुझ पर हमला करेंगे लेकिन मैं रुकूंगा नहीं। इस अयोग्यता से वायनाड के लोगों के साथ मेरा रिश्ता और गहरा होगा।

इसके बाद प्रियंका गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि गुजरात की एक अदालत ने एक निर्णय पारित किया, जिसके बाद सरकार ने उन्हें संसद से अयोग्य घोषित कर दिया। सवाल पूछना, जवाबदेही की मांग करना, मुद्दे उठाना सांसद का काम है। मुझे यह बात अजीब लगती है कि पूरी सरकार यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसे अनुचित मानते हैं और एक आदमी पर बेरहमी से हमला करते हैं, क्योंकि उसने एक ऐसा सवाल पूछा है जिसका वे जवाब नहीं दे सकें।

प्रियंका ने कहा कि पूरी सरकार सिर्फ एक आदमी गौतम अडानी को बचाने के लिए हमारे लोकतंत्र को नीचे गिराने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी गौतम अडानी का बचाव करने के लिए जिम्मेदार महसूस करते हैं, लेकिन उन्हें भारत के लोगों के प्रति कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती है।

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