10 महीने बाद पटियाला जेल से रिहा हुए सिद्धू, कहा- क्रांति का नाम है राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व किक्रेटर नवजोत सिंह सिद्धू आज पटियाला जेल से रिहा हो गए हैं। दरअसल सिद्धू को 1988 के एक रोड रेज मामले में एक साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद से वो पटियाला की एक जेल में बंद थे।
पटियाला जेल के बाहर कांग्रेस के कई कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे, जिन्होंने जेल के बाहर ढोल-नगाड़े बजाकर सिद्धू का स्वागत किया। सिद्धू ने जेल से निकलकर सबसे पहले अपने चाहने वालों का शुक्रिया अदा। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर और सिर झूकाकर उनका इस्तकबाल किया।
जेल से निकलने के बाद सिद्धू ने मीडिया से बात की। मीडिया से बात करते हुए नवजोत सिंह ने कहा कि अभी लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। पंजाब में राष्ट्रपति शासन लाने की साजिश की जा रही है। साथ ही अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
सिद्धू ने आगे कहा कि पंजाब को कमजोर करने की कोशिश की तो खुद कमजोर हो जाओगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा- इस देश में जब भी कोई तानाशाही आई है तो एक क्रांति भी आई है और मैं आज छाती ठोक कर कहता हूं इस बार उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी। वह सरकार को हिला कर रख देंगे।
गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू अपनी सजा से दो महीने पहले ही जेल से रिहा हुए हैं। उनके वकील एचपीएस वर्मा का कहना है कि पंजाब प्रिजन रूल्स के अनुसार अगर किसी कैदी का बर्ताव अच्छा होता है तो उसे समय से पहले रिहा कर दिया जा सकता है। इस नियम के मुताबिक अगर किसी कैदी का व्यवहार अच्छा होता है तो हर महीने 5 से 7 दिन उसकी सजा कम होती जाती है।
