दान और चढ़ावे का पैसा मंदिर के खजाने में जमा होना चाहिए, बांके बिहारी मंदिर के चंदे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
नई दिल्ली। मथुरा के वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे और दान की रकम के गबन के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने दान और चढ़ावे का एक-एक पैसा मंदिर के खजाने में जमा होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मंदिर के सेवायतों या किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा इसमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की गई तो इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े किसी भी शख्स को चढ़ावे की रकम को मंदिर के खजाने में जमा करने से पहले अपने पास रखने का अधिकार नहीं है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने बांके बिहारी मंदिर के प्रबंध समिति की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि गड़बड़ी को रोकने के लिए मंदिर प्रबंधन को एक पारदर्शी व्यवस्था को लागू करना होगा जिससे यह पक्का किया जा सके कि चढ़ावे की रकम में कोई हेर फेर नहीं हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट बेंच ने आगे कहा कि मंदिर के फंड से अगर कोई संपत्ति खरीदी जानी है तो लेन-देन से पहले उस प्रस्ताव को कोर्ट के समक्ष विचार के लिए लाया जाना चाहिए।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने मंदिर के काम काज पर नजर रखने वाली हाई पावर्ड कमेटी की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। उन्होंने कहा कि कुछ गंभीर समस्याएं हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश, 2025’ के जरिए मंदिर के प्रबंधन को एक कानूनी ढांचे के तहत लाने का कदम उठाया। राज्य के कंट्रोल वाले प्रस्तावित ट्रस्ट की वजह से धार्मिक संस्थानों के मैनेजमेंट में सरकार की भागीदारी को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।
