दिल्ली में जामा मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण का होगा सर्वे, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
नई दिल्ली। दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद के आसपास के क्षेत्र में कराए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण का अब सर्वे होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आज यह आदेश जारी किया है। उच्च न्यायालय ने एमसीडी को दो महीने के भीतर सर्वे का काम पूरा करने को कहा है तथा साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि अगर किसी प्रकार का कोई अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनन उचित कार्रवाई की जाए।
फरहत हसन नाम के एक व्यक्ति के द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में यह पीआईएल दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि जामा मस्जिद के गेट नंबर 3, 5 और 7 पर अवैध पार्किंग और अनाधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं। यह सब सार्वजनिक जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करके किया जा रहा है। इसलिए इन इन्हें हटाने का निर्देश दिया जाए।
साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि याचिका में आरोप लगाया गया था कि मस्जिद के इमाम के परिवार के लोग तथा उनके करीबी सहयोगी मस्जिद की जमीन को निजी आय के स्रोत के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह धार्मिक पवित्रता, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के विरासत संरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
इमाम के रिश्तेदारों पर मस्जिद के आसपास पड़ी खाली जगह पर घर बनाकर अतिक्रमण किए जाने का दावा भी याचिका में किया गया था। जामा मस्जिद की छत पर एक रेस्टोरेंट चलाए जाने का भी दावा किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अपने दावों को प्रूव करने के लिए कुछ फोटो भी कोर्ट में प्रस्तुत की गईं। हालांकि अदालत ने कहा कि इन फोटो की सच्चाई की पुष्टि सर्वे के बाद ही हो सकती है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इसका निपटारा किया।
