Mar 10 2026 / 11:46 PM

सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल धनखड़ से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सोमवार को सुवेंदु अधिकारी सहित विपक्ष के 50 विधायक राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मिले। भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता, सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल जगदीप धनखड़ से कोलकाता में राजभवन में मुलाकात की और उन्हें बंगाल में हो रही कई घटनाओं से अवगत कराया, इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की।

राज्यपाल धनखड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी सहित प्रतिपक्ष के 50 विधायकों ने मुझे एक ज्ञापन दिया है और उस ज्ञापन में उन्होंने पश्चिम बंगाल की भयावह स्थिति का वर्णन किया है और प्रमुख रूप से चार बातों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 10 साल में दल-बदल कानून के तहत कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। तिलजला और चंदन नगर की घटनाएं, दो सांसदों, विधायकों के साथ क्या हुआ? ये अराजकता है!

धनखड़ ने कहा कि 17 मई के दिन भारत का संविधान कलंकित हुआ, मेगा करप्शन के अंदर जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया, सीबीआई उन्हें अपने दफ्तर ले गई। मुख्यमंत्री वहां 6 घंटे तक रहीं, वहां उन्होंने कहा कि उन्हें छोड़ो वरना मुझे गिरफ्तार करो। मेरा सिर उस दिन शर्म से झुक गया।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर सभी से अपील करना चाहता हूं कि हमें खून से लथपथ बंगाल नहीं चाहिए। इस धरती पर हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था कि जहां मन भय से मुक्त हो और मस्तक सम्मान से उठा हो। मैं जानता हूं कि यहां किसी का भी मन भय से मुक्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि भय इतना अधिक है कि लोकतंत्र अंतिम सांस ले रहा है। मैं सरकारी अधिकारियों और मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि लोकतंत्र पनपे यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री आवश्यक कदम उठाएंगी और सरकार सकारात्मक रुख अपनाएंगी। हम बंगाल में आग नहीं लगने दे सकते।

राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि राज्य का सांवैधानिक प्रमुख होने के नाते, मैं यह स्पष्ट कर दूं कि बंगाल में दल-बदल विरोधी कानून पूरी तरह से लागू है। यह देश के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी लागू है।

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