Mar 16 2026 / 1:13 PM

कर्नाटक विधानसभा के बाहर शराबी संघ का अनोखा प्रदर्शन, 31 दिसंबर को मदिरा पान प्रेमी दिवस मनाने की रखी मांग

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा के बाहर अनोखा प्रदर्शन चल रहा है। कर्नाटक के बेलगावी में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान कर्नाटक शराब प्रेमी संघर्ष संघ के सदस्यों ने विधानसभा के बाहर धरना दिया और लेबर मंत्री संतोष लाड को एक ज्ञापन सौंपा। लेबर मंत्री को दिए इस ज्ञापन में शराब प्रेमी संघर्ष संघ के सदस्यों ने विभिन्न मांगे रखी हैं।

शराबी संघ के प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शराब पीने वालों को ‘शराबी’ नहीं बल्कि ‘मदिरा प्रेमी’ बुलाया जाए। वहीं, 31 दिसंबर को मदिरा पान प्रेमी दिवस मनाने की घोषणा की जाए। इसके अलावा शराब पीने से मरने वालों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग रखी गई है।

श्रम बोर्ड के अंतर्गत शराब प्रेमियों के लिए एक कल्याण कोष की स्थापना की जानी चाहिए। वार्षिक आय का 10 प्रतिशत कल्याण कोष में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। शराब प्रेमियों के बच्चों को पेंशन दी जाए। वहीं बीमारी की स्थिति में शराब प्रेमियों के इलाज का खर्च भी सरकार को उठाना चाहिए।

शराबी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वेंकटेश गौड़ा बोरहल्ली ने कहा कि हमने एक साल पहले एसोसिएशन की स्थापना की थी। एसोसिएशन में कुल 3 से 4 हजार सदस्य हैं। हमें शराबी कहकर अपमानित करने के बजाय शराब प्रेमी कहा जाना चाहिए। शराब से सरकार को अच्छा राजस्व मिलता है, लेकिन शराबियों के कल्याण की अनदेखी की जाती है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में 2 लाख रुपये वितरित किए जाएं। शराब की कीमत बढ़ाते समय हमारी एसोसिएशन को विश्वास में लिया जाना चाहिए। शराब प्रेमियों ने उत्पाद अधिकारियों को एमआरपी मूल्य के अनुसार शराब बेचने का निर्देश देने की भी मांग की है।

कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कि कहा, हम अपने विभाग से जो भी हो सकेगा करेंगे। मैं उनकी मांगों को संबंधित मंत्री के ध्यान में लाऊंगा। एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचने वालों पर सरकार कार्रवाई करेगी। अगर कोई अधिक कीमत पर बेचेगा तो हम उसका बार लाइसेंस रद्द कर देंगे।

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