लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया है। इसी के साथ अब ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। इस अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था।
चर्चा के दौरान कल और आज दो दिनों तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जोरदार और तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया तो वहीं सत्ता पक्ष के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के अधिकारों का हवाला देते हुए विपक्ष को खूब सुनाया।
सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या बल के आधार पर पहले ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विपक्ष का यह प्रस्ताव गिर जाएगा। वोटिंग से पहले अमित शाह ने सरकार का पक्ष रखते हुए बहुत सी ऐसी बातें कहीं जो विपक्ष को नागवार गुजरीं। विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
चेयर पर आसीन जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों को बार बार समझाने की कोशिश और उनसे अपनी सीट पर जाने को बोला। जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से वेल खाली करने को कहा और उन्होंने संकल्प पेश करने के लिए कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद का नाम लिया।
मोहम्मद जावेद ने अमित शाह से माफी मांगने की डिमांड की। इस दौरान विपक्षी सांसदों का हंगामा बंद नहीं हुआ। इसके बाद जगदंबिका पाल ने कहा कि कांग्रेस ही यह प्रस्ताव लाई है और इस पर अभी वोटिंग होनी है।
जब कांग्रेस ही नहीं चाहती कि कि मोहम्मद जावेद बोलें तो मैं अविश्वास प्रस्ताव को सीधे वोटिंग के लिए ले लूंगा। इसके बाद पीठासीन पाल ने प्रस्ताव को वोटिंग के लिए ले लिया। विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत से मतदान हुआ जिसमें यह प्रस्ताव गिर गया।
