Jun 02 2026 / 11:04 PM

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लोखंडे प्रशांत सीताराम बने चेयरमैन, वरुण भारद्वाज को मिली सचिव की कमान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव बनाया गया है।

लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और शिक्षा प्रशासन, नीति निर्माण तथा शासन व्यवस्था में उनका लंबा अनुभव रहा है। सरकार ने उन्हें ऐसे समय में CBSE की कमान सौंपी है, जब बोर्ड नई शिक्षा नीति (NEP), डिजिटल शिक्षा और परीक्षा सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलावों के दौर से गुजर रहा है।

सरकारी आदेश के अनुसार, लोखंडे प्रशांत सीताराम तत्काल प्रभाव से CBSE चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगे। उनके नेतृत्व में बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-संचालित और छात्र-केंद्रित बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

देश का सबसे बड़ा स्कूली शिक्षा बोर्ड CBSE हर वर्ष लाखों विद्यार्थियों के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करता है तथा भारत सहित विदेशों में हजारों संबद्ध स्कूलों का संचालन करता है।

इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को भी तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के निर्देशों के बाद लिया गया बताया जा रहा है।

सरकार ने OSM से जुड़े कथित टेंडर और मूल्यांकन विवाद की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। इस जांच की जिम्मेदारी कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है।

समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी। सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने OSM के माध्यम से कराए गए मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जो सोमवार देर रात सौंप दी गई।

सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसलों की तैयारी शुरू हो गई थी। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। CBSE में हुए इस बड़े बदलाव को शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, जिसका असर बोर्ड की नीतियों, परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर देखने को मिल सकता है।

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