Sep 13 2026 / 12:14 AM

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स देशों ने की पहलगाम हमले की निंदा, टेरर फंडिंग रोकने पर बनी सहमति

नई दिल्ली। BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ अपना सख्त रुख दोहराते हुए इसके सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की है। BRICS New Delhi Declaration 2026 में सदस्य देशों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। किसी भी उद्देश्य, स्थान या आतंकवाद को अंजाम देने वालों की पहचान से परे, आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की गई। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और आतंकियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

घोषणा में सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने का संकल्प दोहराया गया। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की अपील की गई।

BRICS ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन’ (Comprehensive Convention on International Terrorism) को जल्द अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की मांग भी दोहराई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS देशों के सामने नई दिल्ली घोषणा 2026 को अपनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य देश ने प्रस्ताव पर आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

BRICS घोषणा में सदस्य देशों ने युद्ध और टकराव को रोकने तथा अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए करने पर जोर दिया। वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के दृष्टिकोण का सम्मान करने की बात भी कही गई।

इसके अलावा, BRICS ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे कदम विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के खिलाफ हैं।

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