Nov 07 2026 / 9:35 PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुकना में जवानों संग मनाई दिवाली

नई दिल्ली। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिवाली की पूर्व संध्या पर दार्जिलिंग के सुकना मिलिट्री स्टेशन में सैनिकों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ आयोजन में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने बागडोगरा एयरफील्ड का दौरा कर जवानों का उत्साहवर्धन किया।

सुकना में राजनाथ सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आम तौर पर नॉर्थ-ईस्ट को भारत के दूरस्थ क्षेत्र के रूप में देखा जाता है लेकिन मेरा दृष्टिकोण इससे अलग है। मैं नॉर्थ-ईस्ट को भारत के आखिरी छोर के रूप में नहीं, बल्कि देश के प्रथम छोर के रूप में देखता हूं। यह वह क्षेत्र है, जहां भारत में सुबह की पहली किरण दस्तक देती है। सूरज की रोशनी सबसे पहले इसी धरती को स्पर्श करती है और फिर धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचती है, इसलिए जिस क्षेत्र से भारत के दिन की शुरुआत होती है, उसे देश का अंतिम छोर कहना मुझे उचित नहीं लगता। वास्तव में, नार्थ-ईस्ट भारत का अंत नहीं, बल्कि उसकी एक खूबसूरत शुरुआत है।

रक्षा मंत्री ने कहा, आज युद्ध के कई रंग हैं। हाइब्रिड वॉरफेयर, प्रॉक्सी वॉर, साइबर अटैक, ड्रोन घुसपैठ और इंफॉर्मेशन वॉरफेयर, ये सब एक साथ चलते हैं। आज कई बार दुश्मन बॉर्डर पर सीधे नहीं आता, दुश्मन सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाता है। ड्रोंस से हमारी संवेदनशील जगहों की निगरानी करता है। साइबर हमले से हमारे सिस्टम को कमजोर करने की कोशिश करता है।

ऐसी परिस्थितियों में आपकी भूमिका केवल लड़ाई लड़ने वाले योद्धा की नहीं रह जाती है, बल्कि आपकी भूमिका एक सतर्क प्रहरी की हो जाती है, जो हर आयाम से अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए तत्पर होता है। भारत को यदि विकसित राष्ट्र बनना है, तथा दुनिया की सबसे सशक्त सेना बनना है, तो इसके लिए हमें सशस्त्र बलों की तकनीकी प्रगति के साथ-साथ उनके मनोबल में वृद्धि पर भी ध्यान देना होगा। हमारी सेनाओं का मनोबल जितना ऊंचा होगा, भारत के सैन्य विकास की उड़ान भी उतनी ही ऊंची होगी।

रक्षा मंत्री ने सैनिकों से कहा, आप जिस परिवार से दूर हैं, उस परिवार की सुरक्षा और सम्मान भी हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। आपकी चिंताओं को हम भली-भांति समझते हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं, कि आपका, और आपके परिवार का कल्याण, हमारा दायित्व है, और हम इस दायित्व को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मैं आज एक बात और आपसे कहना चाहूंगा, वह यह कि आपके लिए अपनी मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

हम सब कभी-कभी स्ट्रेस में होते हैं, कभी-कभी घर की याद सताती है, कभी-कभी काम का प्रेशर होता है। यह सब नॉर्मल है, लेकिन इसे अंदर मत दबाइए। अपने साथियों से खुलकर बात कीजिए। हम सब एक-दूसरे का सपोर्ट सिस्टम हैं। हमें अपने प्रयासों से, अपने जवानों को यह एहसास दिलाना है कि भारत की सरकार व भारत की पूरी जनता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, हमारा कोई भी जवान खुद को अकेला महसूस कभी नहीं करेगा।

Chhattisgarh