भारत पूरी दुनिया के लिए उम्मीद की किरण, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ
नई दिल्ली। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत को पूरी दुनिया के लिए ‘उम्मीद की किरण’ बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच भरोसे, साझा मूल्यों और आपसी सहयोग पर आधारित रिश्ते आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे। गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं की बैठक के बाद संयुक्त बयान में टस्क ने रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया।
डोनाल्ड टस्क ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट, राजनीतिक अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत को एक शक्तिशाली देश बताते हुए कहा कि वैश्विक मामलों में भारत का नेतृत्व दुनिया के लिए उम्मीद का संकेत है।
टस्क ने भारत और पोलैंड के संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हितों का कोई बड़ा टकराव नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि साझा मूल्यों और आपसी विश्वास के आधार पर दोनों देश अपनी दोस्ती को और गहरा करेंगे।
पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य में सहयोग की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। इस साझेदारी को आगे बढ़ाने का निर्णय अगस्त 2024 में पीएम मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान लिया गया था।
डोनाल्ड टस्क ने आर्थिक संबंधों को भारत-पोलैंड साझेदारी की मजबूत बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच बैठकें होंगी, जिनका उद्देश्य व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशना है। दोनों देश खनन, कोयले से गैस बनाने की तकनीक, जहाज निर्माण, अंतरिक्ष, डिजिटल टेक्नोलॉजी, उपग्रह, ड्रोन और आधुनिक रक्षा प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
टस्क ने भरोसा जताया कि भारत और पोलैंड G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग से न केवल द्विपक्षीय संबंधों को लाभ होगा, बल्कि व्यापक वैश्विक हितों को भी बढ़ावा मिलेगा। पोलैंड के प्रधानमंत्री की 21 से 23 अक्टूबर तक हो रही भारत यात्रा का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2024 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
