Aug 27 2026 / 12:02 AM

नेपाल में बाढ़ से तबाही: पीएम मोदी ने पीएम बालेन शाह से की बात, कहा- हर संभव सहायता देने के लिए तैयार

नई दिल्ली। नेपाल में बाढ़ के सैलाब से मची तबाही में सैकड़ों लोगों के बह जाने की आशंका है। खबर लिखे जाने तक 62 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 384 पर्यटक लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक हैं जिसमें 105 भारतीय पर्यटक भी हैं। हालात बहुत ही भयावह हैं।

मुसीबत की इस घड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए नेपाली पीएम बालेन शाह को फोन किया जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। मोदी ने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। भारत प्रभावित लोगों के लिए बहुत जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है।

नेपाल में स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी मदद और जानकारी के लिए +977 985 131 6807- 977 970 910 7500 इमरजेंसी नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। नेपाल सरकार ने रेस्क्यू में 14 हेलीकॉप्टरों को लगाया है।

उधर, नेपाल में आए सैलाब को लेकर बिहार और यूपी के कुछ जिलों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसके मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की और हालात का जायजा लिया। त्रिशूली नदी के कारण जहां तबाही मची है, वह भारत-नेपाल सीमा से करीब 160 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ऐसे में इस सैलाब के गंडक और कोसी नदी तक पहुंचने की आशंका है।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आई त्रासदी पर शोक जताया है। सीएम ने इस बाढ़ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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