इंदौर में खाद्य सामग्री के मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान होगा और अधिक तेज
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई – स्ट्रीट फूड वेंडर्स का प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन और कड़ी निगरानी पर रहेगा विशेष ध्यान
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने ली खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक
इंदौर। इंदौर जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप प्रभावी अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान को अब और अधिक गति प्रदान की जाएगी। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के संयुक्त दल गठित कर खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी तथा खाद्य सामग्री के नमूने एकत्रित कर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। नमूने अमानक पाए जाने अथवा अनियमितताएं मिलने पर संबंधित मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मिलावट संबंधी जानकारी निर्धारित हेल्पलाइन पर अवश्य दर्ज कराएं।
मिलावट विरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा एवं इसे और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने जिले में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अभियान को विशेष रूप से सघन रूप में संचालित किया जाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं पूर्णतः सुरक्षित खाद्य सामग्री प्राप्त हो। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में मिलावट के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि अब तक दर्ज मामलों के अतिरिक्त आगे भी दोषियों के विरुद्ध सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है तथा एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के अनुसार हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग द्वारा निरंतर खाद्य सामग्रियों के नमूने लिए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि नमूनों की जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएं। नमूनों के विश्लेषण की प्रक्रिया जारी है तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि इंदौर भोजन एवं स्ट्रीट फूड संस्कृति के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, इसलिए यह आवश्यक है कि हर स्थान पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता गतिविधियों पर भी विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि फूड सेफ्टी मानकों की जानकारी सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स तक पहुंचाई जाए तथा उन्हें प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि मिलावट के मामलों में कई स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गई है तथा भविष्य में भी निरंतर निगरानी और कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिले की आगामी कार्ययोजना में स्ट्रीट वेंडर्स की क्षमता वृद्धि तथा उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं मानकों से संबंधित शिकायतों के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। अब कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायतें सीधे इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं । यह सुविधा कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देश पर प्रारंभ की गई है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनीष स्वामी ने बताया कि शिकायत हेतु टोल फ्री नंबर 0731-181 तथा 0755-2840621 है। इन नंबरों पर कॉल कर उपभोक्ता खाद्य पदार्थों में मिलावट, गुणवत्ता में कमी, निर्धारित मानकों के उल्लंघन या किसी भी तरह की अनियमितता की जानकारी अधिकारियों तक पहुँचा सकते हैं।
